अब आएगी यह कहने की बारी, एक नारी सब पर भारी


क्या लिखूं अपनी कलम से तुम्हारे बारे में,
चलो शुरू करते हैं कुछ तुम्हारे वजूद के पैमाने से।
खुदा ने भी बड़ी फुर्सत से तुम्हें बनाया होगा,
शायद इसीलिए तुम्हें इस दुनिया में लाया होगा।
रह गए पीछे वो भी खुद पर गुरुर करने वाले,
जिन्होंने हर बार तुम्हारे आगे अपना जोर दिखाया होगा।
कहते थे वो कि औरत तो कमजोर है,
कहते थे वो लोग कि औरत तो कमजोर है,
अरे तुम्हारी नारी शक्ति के आगे तो,
बड़े बलवान हों ने भी अपना सर झुकाया होगा।
शायद इसीलिए तुम्हें इस दुनिया में लाया होगा,
खुदा ने भी बड़ी फुर्सत से तुम्हें बनाया होगा।।

अभी तो हर किरदार निभाना बाकी है,
अभी तो मंजिलों के रास्ते खुद बनाना बाकी है,
हर सांस में आगे बढ़ने का जज्बा,
दुनिया को दिखाना बाकी है।
मिट जाएगी उनकी हस्ती भी जो तुम पर हंसते थे,
इतने काबिल बन गई तुम,
कि उन्हीं हंसने वालों ने तुम से हाथ मिलाया होगा।
कह दो जाकर उनसे ना तो कभी द्रौपदी कमजोर थी,
और ना आज की कोई नारी कमजोर है,
अधूरी नहीं हूं मैं,
खुद में ही पूरी हूं,क्योंकि मैं एक नारी शक्ति हूं।

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