कालेज का वो पहला दिन


बिछड. गए यार पुराने
मिले कुछ यार नए
सब कुछ नया था क्योंकि
वो कालेज का पहला दिन था।
शिक्षा की नयी दुनिया थी,
गुरुओ का नया समा था,
घबराहट थी सीने मे,
एक अजीब-सा डर था
क्योंकि वो कालेज का पहला दिन था।।।
दिन गुजरने लगा, घबराहट खत्म होने लगी,
कुछ दोस्त कुछ गुरु मिले पुराने जैसे,
हम भी घुलने लगे महौल मे
अब समझ आया वो डर
क्योंकि वो कालेज का पहला दिन था।।।।

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