कोरोना


हैं,र्पभु कैसी महिमा है तुम्हारी
इस कोरोना काल में दुखी होगे सभी र्पाणी।
दुनिया घुमने वाला व्यक्ति
अब घर से निकलने से डरता हैं।
इस कोरोना ने ऐसी हालत की हैं
अब मनुष्य एक दुसरे से मिलने से डरता हैं।
हैं, र्पभु कैसी महिमा है तुम्हारी
इस कोरोना काल में दुखी होगे सभी र्पाणी।
पोस्तीवित रहने वाले लोग
'पोस्तीवि' शब्द से डरते है।
इस कोरोना ने ऐसी हालत की है
लोग नकारात्मकता से खुश और सकारात्मकता से डरते हैं।
हैं, र्पभु कैसी महिमा है तुम्हारी
इस कोरोना काल में दुखी होगे सभी र्पाणी।
कुछ लोगो की गलती हम सब भुगत रहे है
बिना हथियारो के भी हम युद्ध लड़ रहे है।
कोना- कोना शहर अपना सुना सा लगता है
हर गली , चौराह और बाजार अधुरा सा लगता है ।
है, र्पभु कैसी महिमा है तुम्हारी
इस कोरोना काल में दुखी होगे सभी र्पाणी।
दोस्तो से मिलने की इजाजत नही है
बिना एक दुसरे को गले लगीये आदत नही है ।
ये दुनुया का कैसा इन्ताहन ले रहे हो
जिसका परिणाम जिन्दगी से ले कर करहे हो।
है, र्पभु कैसी महिमा है तुम्हारी
इस कोरोना काल में दुखी होगे सभी र्पाणी।

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