गांव


जब कोई बुढ़े हाथ
बड़े ही प्यार से
सर को सहलाए,
तो चेहरे की रौनक बढ़ ही जाती है,
मुस्कुराती आँखें और
सच्चे मन से दुआएं
जब मिले,
तो रिश्तों की डोर बंध ही जाती है,
सुविधाएं चाहे कम हो
पर स्वभाव खरा होता है,
सही ही है, कि
गाँव में लोगों के
घरों का आँगन ही नहीं,
पर दिल भी बड़ा होता है!

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This Poems Story

This poem, I have written when I was doing an internship on Rural Development as a part of My Masters Course. I was staying in one of the villages in Gurugram, Haryana named Bajghera. I can never forget the love and affection, I have got from the villagers.