गुरु


गुरु
जब भी देखु तुम्हे मन में एक भाव समाए.
परमात्मा सा अहसास हो दिल को सुकून मिल जाये
नहीं देखा है मेने रब को
बस तुम में रब दिख जाये
हे गुरु तू है रब मेरा.मेरा जीवन सफल बनाये

हे गुरु तू है किसान .शिष्य रूप खेत का जीवन सफल बनाए .
देकर उसमे खाद बीज हरा भरा कर जाए.
जा रहा हु चल चला चल .लक्ष्य मुझे कोन बताए
चाहे बस साथ तुम्हारा जीवन मेरा धन्य हो जाये ….

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