देशप्रेम- एक नशा


कहते हैं नशा इंसान को बर्बाद कर देता है।
ठीक है तो है देशप्रेम भी नशा ही है जो जवानों को शहीद होकर अमर होना सिखा देता है।।
कहते हैं नशे में इंसान बेमतलब रोता - हंसता है।
देशप्रेम का नशा ही तो है जो शहादत को भी हंसकर स्वीकार करना सिखा देता है।।
कहते हैं नशे में इंसान निडर और बेफ़िक्र हो जाता है।
ठीक ही तो है वरना करीब आती मौत से जवानों के अलावा बेफ़िक्र भी कौन हो जाता है।।

किलोमीटरों लाइन में खड़े होकर, हज़ारों खर्च कर तुम नशा तलाशने चले हो।
बताना मातृभूमि पर जां निसार कर जाने का कभी ना उतारने वाला नशा , खरीद सको तो।।

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