नारी तू सर्वश्रेष्ठ है


ऐ नारी तू अत्यंत गुणकारी है
तू ही देवी तू अकेली ही सब पर भारी है
आज भी तुझे समझा जाता लाचार
आज भी तू है कई परिवारों के लिए भार
एक बेटी से एक मा तक तूने कई भूमिका निभाई हैं
इसलिए ही तू सर्वश्रेष्ठ कहलाई है
किसके मन में क्या है ये ,सब जान लेती है
औरत है जनाब गन्दी नज़रों को यूं पहचान लेती है

रात का साया तुझे डराता है
सिटियो की आवाज़ से तेरा मन घबराता है
पर हा ,तू एक नारी है
पर हा ,तू एक नारी है
याद रखना तू अकेली ही सब पर भारी है

तुझपर, कई रोक लगे
तुझपर, कई रोक लगे
तूने ,कई दर्द सहे
समाज की सोच तुझे बदलना है
याद रखना तुझे ही इस दल दल से निकालना है
जंजीरों को तोडकर बाहर डट करआना है
तुझे ही अब अपने पंख फैलाना है
अपने सपनों को उड़ान देना है तुझे
इस देश को नई पहचान देना है तुझे
छोटे से ही घर में बंद कर नहीं रहना है
बाहर निकलकर निडरता से जीना है

तू है एक जलती चिंगारी
तेरी ज्वाला से जल जाए गन्दी नज़रें सारी
तू दुर्गा का रूप है
तू काली का स्वरूप है
अब तुझे ही खुद की सुरक्षा करनी होगी
हर उस रावण को चीरकर उसे अपनी जगह दिखानी होगी

अबला नहीं सबला है तू
इस कलंक को मिटाना है तुझे
तू लडको जितनी शक्तिशाली है
ये सभी को बताना है तुझे
सुनो कलयुग के महिषासुर
सुनो कलयुग के महिषासुर
वो शांत है जब तक नारी है
वरना वोही दुर्गा वोही काली
पूरे ब्रह्मांड पर भारी है
वरना वोही दुर्गा वोही काली
सम्पूर्ण ब्रह्मांड पर भारी है |

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