प्रिये


मैं चकरगिन्नि सा फिरता हूँ ,
तुम लहराती फुलझड़ी प्रिये।

मैं लाल बल्ब हूँ दरवाजे का ,
तुम झालर की हो लड़ी प्रिये।

तुम सुतली बॉम्ब पटाका हो ,
मैं नीचे पड़ा अनार प्रिये।

मैं हलवा लाल गाजर का ,
तुम काजू कतली सफेद प्रिये।

तुम रसगुल्ला हो छेना का ,
मैं बेसन लड्डू लाल प्रिये।

तुम मिठाई मेंहगी खाती हो ,
मैं सोन पापड़ी का भक्त प्रिये।

तुम मेंहगी वाली कैंडल हो ,
मैं मिट्टी वाला दिया प्रिये।

मैं फुस्स पड़ा पटाका हूँ,
तुम रॉकेट ताबड़तोड़ प्रिये।

तुम देसी घी का दीपक हो ,
मैं कड़वा तेल का दिया प्रिये।

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