बेटियां


कोमल सी कली होती है
फुलों सी महकती बेटियां
ममता का सम्मान होती है
पिता का गुमान बेटियां।

शिक्षा, गुण, संस्कारों मे
बेटोसी काबिल बेटियां
फिर भी न जाने आज भी
जमाने में क्यों बेमोल है बेटियां

सुख में भागीदार है बेटा तो
दु: ख में उनके हमदर्द है बेटियां
कड़कती हुई धूप में
शितलसा जल है बेटियां

शादी और पढ़ाई के सवालों में उलझी
आज भी अपने हक के लिए
लाचार है बेटियां

एक मौका उन्हें भी देकर तो देखो
कल का सुनहरा उज्जवल
भविष्य है बेटियां

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