बेटी


पिता का हाथ थामे बेफिक्र चलना चाहती थी,
माँ की गोद में वो बचपन जीना चाहती थी|
पर किस्मत तो उसे इतना भी दे न सकी|
कोख में ही वह मारी गई,
वो तो इस धरा पर भी न आ सकी|

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