मिलकर लड़ेंगे कोरोना से जंग


मुस्कुरा के हर मुश्किल को डराके
जीतेंगे यह जंग कोरोना को हराके
और सबको हंसाके
न जाना है बॉर्डर पर
न ही जाना सड़कों पर
युद्ध करना है तो केवल
घर में बैठे रह कर
युद्ध है घमासान
पर न होगा कोई घायल
जवाब न ही कोई इंसान
मिल जाएगा साथ तो खत्म कर देंगे
मुश्किल हालात को
तो डरना नहीं करोना से
कही नही बच पाएगा
देश विदेश के कोनो में
क्योंकि डरना तो केवल दो से चाहिए
एक ईश्वर के न्याय से और
पाप अनाचार से
न की कोरोना के बेतुके विचार से
क्योंकि सफलता तो अच्छे विचारों से आती है
और अच्छे विचार तो मुस्कुराने की
कला से आते हैं
यदि यह कला आती है तो
जीवन में कोई भी परिस्थिति
मुश्किल नहीं लग पाती है
यही समय है
इस कला को अपनाने का
क्योंकि कोरोना लाया है
परिवार के साथ समय बिताने का
और खुशियाँ मनाने का
एक साथ मिलकर नियमों का पालन करने का
सोशल डिस्टेंसिंग बनाने का
मास्क पहनने का
बार बार हाथ धोने का
और उनको नमन करने का
सेवा में जो लगे हैं
सब कुछ भुला कर अपना
दिन-रात जो जुटे हैं
रहकर सजग हमेशा
अफवाहों से भी बचना है
मुश्किल बड़ी घड़ी है
सयंम बनाये रखना है
हावी न होने पाये कोरोना
यह ध्यान हमेशा रखना है।
कोरोना को मुस्कुराते हुए अलविदा करना है
यही है मुस्कुराने की कला
तो आओ मिलकर करे कोरोना को अलविदा।

देवीशा चौधरी

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