मेहरबानी ख़ुदा की


ख़ुदा की मेहरबानी थी कि उन्होंने एक और ख़ुदा बनाया।
वह रूप हैं ख़ुदा का,
जिन्हें हम देख सकते है,
उनसे सीख सकते हैं।
उनकी इबादत नहीं करते, कोई रोज़ा नहीं रखते
फिर भी वह हमारी जिंदगी को रौशन कर जाते हैं।

जिंदगी को हमसे खफ़ा होने नहीं देते,
ऑंख भर जाती है पर उसमें से ऑंसु बहने नहीं देते।
माता-पिता के बाद वही तो हैं,
जो हमे चलना सीखाते है,
जिंदगी को जीना सीखाते है।
चलते-चलते कहीं गिर न जाए
और गिरने के बाद उठने का हौसला दे जाते हैं।
ख़ुदा की मेहरबानी थी कि उन्होंने एक और ख़ुदा बनाया
मेहरबानी है उनकी की उन्होंने गुरु बनाया।

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