मैं कविता लिखना चाहता हूँ


मैं कविता लिखना चाहता हूँ
- मोहम्मद उज़ैब

कई सौ देशों में
मेरा भारत देश अनोखा है
रहने वाला हूँ भारत का
मैंने भारत देश को करीब से देखा है
इस अनोखेपन को बचा लेना चाहता हूँ
मैं इस विषय पर कविता लिखना चाहता हूँ

शामिल है यहाँ की मिट्टी में सबका खून
लोगों के बीच बरक़रार है चैन और सुकून
इस चैन और अमन को बचा लेना चाहता हूँ
मैं इस विषय पर कविता लिखना चाहता हूँ

माना कि भ्रष्टाचार से घिरा है मेरा देश
लोगों के चेहरे हैं कुछ, बदल रखे हैं भेस
इस झूठ और बुराई को मिटा देना चाहता हूँ
मैं इस विषय पर कविता लिखना चाहता हूँ

पहाड़ो में, बागों में खूबसूरती तो देखी है
अगर दिल साफ़ हो तो खूबसूरती ही कुछ और होती है
इस खूबसूरती को बरकरार रखना चाहता हूँ
मैं इस विषय पर कविता लिखना चाहता हूँ

भारत भाषाओं के मामले में महान है
यहाँ हिंदी भाषा और उर्दू ज़बान है
यहाँ भारतीय होना यहाँ की शान है
यही हमारे भारत की पहचान है
इस शान और पहचान को बरकरार रखना चाहता हूँ
मैं इस विषय पर कविता लिखना चाहता हूँ

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