याद बहुत आएगा


तू हमें सताया ना कर,
थोड़ा थोड़ा यू जलाया ना कर ,
मिट्टी का शरीर है बंदे का ,
एक दिन यूं ही जल जाएगा,
फिर तेरे को यह बंदा याद बहुत आएगा, याद बहुत आएगा

सूरज डूब रहा है डूब ही जाएगा ,
लेकिन यही सूरज कल नया सवेरा लेकर आएगा,
और जब हम चले जाएंगे तुम्हारी जिंदगी से,
तो हमारे साथ साथ बिताया हुआ हर एक पल तुम्हें याद बहुत आएगा ,याद बहुत आएगा

होंगे तुम्हारे बहुत अपने ,
जो करते होंगे पूरे तुम्हारे हर एक सपने,
मानते हैं हम तुम्हारे अपने नहीं ,
पर जितना तुम सोचती हो इतने पराए भी नहीं,
भूल बस ही सही अगर बन गए तुम्हारे अपने,
वादा है जी जान लगाकर पूरे करेंगे हर एक तुम्हारे सपने,

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