लडकी का जीवन


लोग क्यों से पैदा होते ही मार देना चाहते हैं
आखिर क्यों लोग उसके जन्म से कतराते हैं
क्या दोष है उसका वह तो एक नन्ही सी जान है
जिसे ना इस दुनिया का ज्ञान है
क्यों लोग उससे उसका बचपन छीन लेता है
खिलौनों की बजाय उसके हाथों में
आग से जले हुए निशान होते हैं
अरे दुनिया वालों वह क्या कोई सामान है
क्या जो तुम उसकी कीमत लगाते हो
वह क्या कोई समान है क्या जो तुम उसका दान करते हो आखिर उसके भी तो जज्बात है
आखिर वह भी तो एक इंसान है
थोड़ी शर्म करो दुनिया वालों
ज्यादा नहीं बस अपना नजरिया बदल लो
एक लड़की को लड़के से तोलना छोड़ दो
उसने उस आग में जलना सीख लिया है
उसने तुम्हारे अत्याचार भी सह लिए आए हैं
मगर अब बस और नहीं
अब उसने उस आग में जलना नहीं
अब सब कुछ सहना नहीं
अब उसने लड़ना सीख लिया है
अब उसकी आंखों में आगे मत छूना
उसे तुम्हें जलाकर राख कर देगी
अब अगली परीक्षा उसे नहीं देनी पड़ेगी

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