वक़्त


वक़्त
वक़्त सा कोई भी साथी नहीं,ना इससा कोई गुरु
चला जो इसकी राह पर,जीवन जीवन जिया उसने भरपूर।
वक़्त का सिखाया,कोई भूलता नहीं
जो सीख गया वो कभी हार मानता नहीं।।
वक़्त का पहिया अपनी मर्ज़ी से चलता है
इसका कोई भी पता नहीं,कब आगे ले जाए और कब पीछे।।
वक़्त की ताकत बस इतनी सी है।
अच्छे को अच्छा और बुरे को बुरा दिखाकर रहता है।।
वक़्त वो शब्द है,जो सबके पास रहता है।
बस फर्क इतना है कि कौन इसे सही से इस्तेमाल करता है।।
क्योंकि वक़्त सबके साथ नहीं ,और वक़्त सा कोई साथी नहीं।।

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