विश्वास की शक्ति


विश्वास एक ऐसा मोती, मुल्य जिसका अपार है, बिन विश्वास के जीना भी इस धरा पर निराधार है
धागा विश्वास का कोमल जैसे ख्वाबों का हो जहाँ, विश्वास जोहो खुद पर मुठ्ठी में हो सारा ये जहाँ
टूटे जो एक धागा विश्वास के नाम का , मोती बिखरे पल भर में वर्षों जमा किये सतकार का
कीमत विश्वास की एक रिश्ते से भी पार है, विश्वास जो हो खुद पर ईश्वर भी तेरे पास है
विश्वास प्यार और आदर का, चाहे हो उम्मीदों का, मजबूत करता है हर रिश्ता चाहे हो जज्बातों का
विश्वास एक भावना आस्था और भक्ति की, विश्वास ही है कश्ती एक डुबते इंसान की हस्ती की
विश्वास है नाम उम्मीदों के बादल का, विश्वास ही है नाम आस्था के सागर का
एक बार जो टूटा धागा विश्वास की डोरी का, मनका -मनका बिखर जाता है रिश्ते प्यार और दोस्ती का
विश्वास का धागा फिर जुड़ता नहीं है प्यार से, गांठ पड़ी जो उस धागे पर खुले ना फिर सौ जुगाड़ से।

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