वो मैं हूँ


जिसे कभी पढ़ ना सको , वो अनगिनत पन्नों वाली किताब मैं हूँ,
जो सिर्फ ख्वाबो मे मिल सके , वो खिताब मैं हूँ...!

History, geography,भूगोल तो बहुत छोटा सा बवाल है,
पूरा समझने के बाद भी ना समझ आये ,
वो उलझा सा सवाल मैं हूँ ..!!

किसी के कुछ अनकहे से जज़्बात मैं हूँ ,
जिसे काट ना सको , वो बेचैन सी रात मै हूँ..!!

भीड़ में जब तुम तन्हा महसूस करो,
तो अपनेपन का एहसास करा दे, वो साथ मैं हूँ..!!

जिसे कभी भूला ना सको , वो भयावह सा ख्वाब मैं हूँ,
जिसकी कभी असलियत ना पहचान सको,
वो फ़रेबी सा नक़ाब मैं हूँ..!!

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