शिक्षक के रूप


मेरे आने वाले कल की वह दिशा मुझे दिखाता है ।।
गलती हो जाने पर वह मुझे समझता है ।।
ईश से भी ऊपर जिसका स्थान ज़िन्दगी में आता है ।।
वह कोई और नहीं शिक्षक ही कहलाता है ।।

भविष्य संवारता है जो बच्चों का ।।
कम पैसे वो कमाता है ।।
करता हर कोई है इज्जत जिसकी ।।
वह कोई और नहीं शिक्षक ही कहलाता है ।।

मारा है, डांटा है फिर मुझे समझाया है ।।
मेरी कामयाबी का रास्ता आपने मुझे दिखाया है ।।
डगमगाया हूं कई बार आपने मुझे संभाला है ।।
गिरा हूं तो मुझे उठा कर चलना मुझे सिखाया है ।।
हार ना मानने का मंत्र मुझे सिखाया है ।।
ईश रूप शिक्षक का लेकर शायद जमी पे आया है

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