Bachpan


किसी ने पूछा बचपन क्या है?

बचपन ,
बचपन वो है जो बड़ा न होने दे
किसी खिलखिलाती सी हँसी को गुमशुदा न होने दे
जो बारिश की बूंदों का स्वाद बयाँ कर सके
जो डूबती उस नाव को सवाँर सके
जो गिरे तो कपडे झाड़ उठ, ज़मीन से बैर कर बैठे
जो सड़को पर बेफिक्री से खेल, कर बैठे
जो पतंगो के पीछे भागने में जीवन का सुख पा सके
जो रंग बिरंगी टॉफियों से रंगो को जान सके

बचपन, जो माँ के स्पर्श में ममता को ढूँढ ले
बचपन, जो पिता की ऊँगली पकड़ चलना सीख ले
बचपन, जो परिपक्वता की खिड़की से झाँक सके
बचपन, जो खुल के जीने की कला को पहचान सके|

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