BAD’DUAA


बद’दुआ

जो...माँ की कोख सूनी, बांज बोले तो बददुआ है,
जो...पिता की पुकार पे, पुत्र प्रहार करे तो बददुआ है,

औरत को उपहार समजे... तो बददुआ है,
जो...बेटियां बेबस पे, करे अत्याचार तो बददुआ है,

हां...तवायफ़ को तबहा करे करके,
बलात्कार तो बददुआ है,
मासूम मजदूरों के...मसीहा को मारा, तो बददुआ है,

भूखे की भूख का भाग छिना... तो बददुआ है,
लाचार की लाचारी का लाभ लिया... तो बददुआ है,
गरीब की गरीबाई को गवारा की... तो बददुआ है,
इंसान ने इंसानियत को इनकारा... तो बददुआ है,

_iबगड़ा

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