Deshbhakti


हिन्द का बलिदानी चोला पहन चले विजय श्रंखलाओ में
चाहे जो भी कांटे आए सह लेंगे हिन्द पावन धाराओं में।।

मानता मै अपने आपको भयमुक्त बड़ा सौभाग्यशाली
जिस देश में है सरस्वती ,लक्ष्मी ,रण चामुंड,मां काली
दुश्मनों का वीर सपूतों को देखकर रहता भय हलक में
चाहे जो भी कांटे आए सह लेंगे इस भावी राष्ट्र पलक में

वो वीर जवान ही क्या जिसमें धैर्य, विवेक, शक्ति ना हो
वो माता ही क्या जिसमें अपने देश के प्रति भक्ति ना हो
मेरा भारत देश चला सदैव अपनी संस्कृति की नीति में
चाहे जो भी कांटे आए सह लेंगे अपने हिन्द की कीर्ति में।।

दुश्मनों का कलेजा जल रहा भारत की ताकत देखकर
वो पाकिस्तान ही हमेशा मात खाता है बारूद फेंककर
जो पाकिस्तान अपने देश में कम,मेहनत करे आतंकियों में
चाहे जो भी कांटे आए सह लेंगे उन कश्मीर की वादियों में।।

है इस समय छोटी आंख वाला चीन बहुत ही उत्साहित
राफेल के आ जाने से पेंगोग में चीन की हार है संभावित
चीन आ जाए पाकिस्तान आ जाए युद्ध की रणभूमि में
चाहे जो भी कांटे आए सह लेंगे हिन्द की कर्मभूमि में।।

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