ek kavita


मेरी ज़िन्दगी से तेरा वास्ता लिखती हूँ
कोई कविता नहीं एक दास्ताँ लिखती हूँ
लिखती हूँ मेरी लकीरों में तेरा हिस्सा
मेरी तक़दीर मैं तेरा किस्सा
कल के साये में डूबा अपना आज लिखती हूँ
कोई कविता नहीं ज़िन्दगी का राज लिखती हूँ
लिखती हूँ मेरी हर दुआ में तेरे फरमाइशों क फरमान
मेरे ख्वाबों का क़त्ल करते तेरे अरमान
ज़िन्दगी के पन्नो पर आंसुओं की सियाही से
दर्द लिखती हूँ
तेरा दिया मर्ज लिखती हूँ .

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this poem is all about my journey with my love of life.