Har pyar ikraar se nhi hota kuch inkaar SE bhi hote hai.


हर प्यार बेवफ़ा नहीं देता,
कुछ बावफा भी देते है।
हर प्यार इजहार से नहीं होता,
कुछ इंकार कर भी होते हैं।
हर प्यार मतलब नहीं लेता,
कुछ मोहब्बत भी लेते है।
हर प्यार श्रृंगार से नहीं होता,
कुछ मजार पर भी होते हैं।
हर प्यार करने वाला हंसता नहीं,
कुछ प्यार‌ में भी रोते हैं।
हर प्यार आदत से होता नहीं,
कुछ इबादत से भी होते हैं।
हर प्यार बातो में होता नहीं,
कुछ यादो में होता नहीं।
हर प्यार मदहोशी में होता नहीं,
कुछ खामोशी से भी होते हैं।
हर प्यार इजहार से नहीं होता कुछ इंकार कर भी होते हैं।

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