Kavita


खुशी अपनों के बिना अधूरी है
इस साल हमने बहुत सोचा विचारा
बहुतों से पूछा बहुतों ने बताया
आखिर इस साल में
वही रोज़ की मारामारी
सच कहूं जो हमेशा सहते हैं गम
उनकी उम्र हो जाती है 10 साल कम
क्या फर्क पड़ता है क्या होगा कल
इसलिए खुश रहो हर पल
दूरियां कभी किसी रिश्ते को नहीं तोड़ सकती हैं और
नज़दीकियां कभी रिश्ते को नहीं बना सकती हैं
अगर
भावनाएं सच्चे दिल से हों तो दोस्त -दोस्त ही रहते हैं फिर चाहे साल 2020 हो
या साल 2021
कुछ बदलने के लिए हर पल मनाना ज़रूरी है
हर खुशी अपनों के बिना अधूरी है
कोठी, बंगला,मिटृटी के घर में बहुत रह लिए
अब घर दिल में बनाएं इस नए साल में
जो हमें भूल गए
हम उन्हें याद आएं नए साल में
आकृति
केंद्रीय विद्यालय, 47 चंडीगढ़

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