Mera sapna


सपना मेरा एक हैं ,जिसे मुझे सच करना।
रास्ता सोचा सीधा है ,पर था वो बिल्कुल टेढ़ा।
दिल ने कहा, फंस गए हम तो।
दिमाग़ ने पूछा, तो तुमने क्या सोचा था।
एक पल के लिए अपने कदम ये पीछे,
पर सपनों ने उसे अपनी तरफ़ खींचे।
दिखने में रास्ता था बिल्कुल साफ,
पर क्या करें, चलना ना था उसपर आसान।
हर पत्थर ने ठोकर मारी,
ज़ख्म दिए बड़े भारी।
सोचा ले लूं अपने कदम ये पीछे,
पर यह निराला सपना फिर अपनी तरफ़ खींचे।
सोचा इस बार हथौड़ा लेकर चलू,
हर पत्थर को चकना चूर करू।
चल दिए फिर उसी रास्ते,
पर बीच में आए गड्ढे इतने,
की गिर गए हम धड़ाम से उसमे।
चलना नहीं आसान इस पथ पर,
जान गए थे हम।
जितनी बार पीछे हटना चाहा,
सपनों ने अपने पास बुलाया ।
खुद को किया बुलंद,
चल दिए अपने सपनों के संग।

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