Mother’s love .


मेरे हर एक ग़म में मेरा साथ दिया ,
मेरी हर एक मुश्किल के समय मुझे समाधान बताया ,
धन्य धन्य है वो परम आत्मा ,
जिसने इस पत्थर को एक मूर्तिकार से मिलाया ।।
देखिए एक कवि की कल्पना , कवि क्या कह रहा है ,
मैं तो केवल एक मामूली सा पत्थर था ,
धन्य है आप जिसने एक पत्थर को मूर्ति बनाया ।
मैं तो केवल एक अज्ञानी बालक था ,
धन्य है आप जिसने मुझ में ज्ञान रूपी सागर का विस्तार किया ।।
आपके बताए हुए रास्ते से आज इस मुकाम पर पहुंचा हूं ,
आपकी दी हुई शिक्षा से आज एक कवि बन पाया हूं ।
दुआ है इस कवि की कि आप यहां भी रहो खुश रहो ,
हो मुकम्मल आपकी हर एक तमन्ना ,
और जिसकी तमन्ना न की हो वो भी आप ही के चरणों में विराजमान हो ।।
कोशिश करता हूं ,
कि आपके लिए बारिश में छाता बन सकूं ,
और धूप में पेड़ की छांव बन सकूं ।
आपकी कामयाबी की हर एक सीढ़ी का निर्माण कर सकूं ,
और आपकी हर एक खुशी का कारण बन सकूं ।।
आपकी छोटी सी मुस्कान भी मुझे बड़ी प्रेरित करती है ,
आपकी हर एक बात मुझे आपकी तरफ हर पल खींचती है।
आप पर तो मैं पूरी किताब लिख सकता हूं ,
आपके लिए तो किस्मत से भी लड़ सकता हूं ।।

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