NARAZGI


NARAZGI....
क्या करोगे उस नाराजगी का,
जब हम नहीं होंगे.
क्या करोगे उस नींद का,
जब सपनों में हम नहीं होंगे.
बहुत सताते हना हम आपको,
तरस जाओगे मिलने के लिए जब हम नहीं होंगे.
उदास होना हमारे बिना,
खुश कैसे रह सकते हो,
जब हम नहीं होंगे.
याद करोगे जब हमारी बातें होंगी,
लेकिन यहां हम नहीं होंगे.
अभी ख़ामोश हो, जब आवाज़ दोगे तब सुनने के लिए हम नहीं होंगे.

INAYA

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