Nari ka samman


नारी का सम्मान करो
नारी का सम्मान करो
हर पुरूष यही कहता है,फिर क्यों खुद वही
नारी का अपमान करता है।।
अपने गंदे हाथो से,उसके चरित्र को छूकर
उसकी पवित्रता को भंग करता है
फिर क्यो वही कहता है,नारी का सम्मान करो
नारी का सम्मान करो।।

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