Pandey


बस दो पल कि ही तो बात है,
फिर खुश संसार सारा होगा,
कुछ पल कि हैं, ये काली रात,
फिर आसमां में चंद सितारा होगा,
फिर से यारो कि टोली निकलेगी,
फिर से आएगी खुशियों की बारात है
बस दो पल कि ही तो बात है,

न हिंदू , न मुस्लिम,
और न कोई है जात है,
बहुत अच्छा लगता है देखकर,
इस मुसकिल घङी में हम सब साथ- साथ है,
बस दो पल कि ही तो बात है,
बस दो पल कि ही तो बात है।
-------- सुधांशु राज

Poem Rating:
Click To Rate This Poem!

Continue Rating Poems


Share This Poem