Poetry


दिल का दरिया अब समंदर बन गया..!!
देखते-देखते आशुओ का मंजर बन गया..!!
ज्यादा फरक नही पड़ा है मेरे इश्क़ में दोस्तो...
बस,जो कल गुलाब था, आज ख़ंजर बन गया..!!

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