some time feel flerty


ओ देर भयो मने जाड़े में
खुद को ही पहचाड़नं में
मै इतना सुन्दर लागे छें:
ाई बात नहीं जाढ़ें थे
ओ देर भयो मने जाड़े में
खुद को ही पहचाड़नं में

छोरियो की है लैन लगी
सब चाहे नंबर जाड़न के
ओ देर भयो मने जाड़े में
खुद को ही पहचाड़नं में

जो चली गयी , उसे जाड़न दे
सोचैं न , नई लाइफ में आने दे
लैन लगी है, रोक ना याणा
उसमे २-४ पटाङण दे
ओ देर भयो मने जाड़े में
खुद को ही पहचाड़नं में

Poem Rating:
Click To Rate This Poem!

Continue Rating Poems


Share This Poem



This Poems Story

imaze