zindagi


ज़िन्दगी कुछ खली पन्नो की तरह है
हम पन्नो पर कहानी लिखते तो हैं
पर कभी गौर नहीं करते
बस पन्ने भर देते हैं
कुछ और नहीं करते
अपनी किताब कबाड़ में है
दूसरों की दुकान से ली
अपनी कहानी में मज़ा नहीं
उनकी शान से लिखी
उनके सबक से सीख रहे
अपने पर गौर नहीं करते
बस पैन भर देते हैं कुछ और नहीं करते

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