आशिक


पढ़ लेतें हैं आँखों में भरा प्यार हमेशा
हम नब्ज़ आशिकों का टटोला नहीं करते..

पी जाते हैं हम ग़म के सभी आस के दरिया
रो लेते हैं पर मुँह कभी खोला नहीं करते

जिनको किसी के प्यार की कोई क़दर ना हो
उन बे अदब लोगों से हम बोला नहीं करते

मेरे आशिक़ी की इन्तेहां मत पूछ ऐ शाहिद
हम प्यार को पैमाने में तौला नहीं करते

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all about a feelings of a true lover